कलियुग में दिखेगी त्रेतायुग की अयोध्या
22 जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर शहर को भव्य रूप से सजाया और संवारा जा रहा है। इसी कड़ी में अयोध्या गोरखपुर हाईवे के किनारे बने ओवरब्रिज के किनारों पर रामायण के प्रसंग उकेरे जा रहे हैं। दिल्ली और मध्य प्रदेश से पहुंचे चित्रकार हाइवे के किनारे बने फ्लाइओवर की दीवारों पर भगवान राम के जन्म से लेकर लवकुश प्रसंग तक के चित्र जगह जगह बना रहे हैं। कहीं पर राम दरबार बनाया गया है।
तो कहीं पर भगवान राम के 14 वर्ष के बाद अयोध्या लौटने पर माता के गीत द्वारा उनका स्वागत करते दिखाया गया है। यही नहीं श्रीराम की वापसी पर अयोध्यावासियों का उत्सव और रावण वध, विभीषण का राजतिलक आदि प्रसंग भी दिखाया गया है। भगवान राम और उनके जीवन से जुड़ी आकृतियों को दीवारों पर उतारने वाले चित्रकारों का क्या कहना है,
इस को दर्शाने का मकसद क्या है
इस को दर्शाने का मकसद यह है की रामचरित जो मानस है उसी से रिलेटेड सारा चित्र बन रहे हैं ताकि लोगों को चित्र के माध्यम से सारी रामायण समझ में आ सके और देख सकें। चित्र के माध्यम से तो रामचरित मानस के आधार से ही सारी पेंटिंग हो रही।
चित्रकारों को यहां पर काम करते लगभग 15 दिन हो गए हैं और यह काम 22 तारीख तक चलेगा या 22 तारीख से पहले फाइनल हो जाएगा
चित्रकारों को चित्र बनाते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है
22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इससे पहले ये सभी काम जोरों पर चल रहा है।
और 22 तारीख से पहले पहले अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूरी तरह से तैयारी होगी।
