पॉलिकैब इंडिया के शेयरों में गुरुवार को जैसे सुनामी आ गई। इसके शेयरों में भगदड़ जैसे हालात दिखाई दिए और इसके शहर पूरी तरह से टूट गए। सुबह के कारोबार में इसके शेयर 22% टूटकर 3801 पर आ गए। दोपहर के कारोबार में पॉलिकैब के शेर 19.85% गिरकर 3936 पर ट्रेड कर रहे थे। लेकिन पॉलिकैब के शेयरों में यह बड़ी गिरावट चलिए यहाँ आपको बताते हैं पूरी कहानी नमस्कार आप देख रहे हैं? technews590
असल में यह पूरा मामला इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से जुड़ा हुआ है। पॉलिकैब के कई दफ्तरों और दूसरे ठिकानों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सर्च ऑपरेशन किये थे। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि उसे इन छापों में करीब 1000 करोड़ रुपए के खातों से बाहर कैश सेल्स मिली है। हालांकि कंपनी ने एक्सचेंजों को कि ये डिस्क्लोश़र में टैक्स चोरी के आरोपों से इनकार किया है। दूसरी तरफ एक्सचेंजों पर करीब 1200 ₹93,00,00,000 की कई ब्लॉक डील्स दिखाई दी है।
पॉलिकैब के 2.2 फीसदी स्टेक या 33,00,000 शेयरों में लेन देन हुआ है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि सर्च के दौरान मिले पुख्ता सबूतों से पता चलता है की फ्लैगशिप कंपनी ने 1000 करोड़ रुपए के अनअकाउंटेड कैश सेल्स की है। ये कंपनी के खातों में दर्ज नहीं की गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 10 जनवरी को पॉलिकैब के ठिकानों पर सर्च की थी। डिपार्टमेंट ने मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, नासिक, दमन, हलोल और दिल्ली में कंपनी के 50 ठिकानों पर सर्च किया।
इतना ही नहीं पॉलिकैब ने कुछ ऑथोराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी इन सर्च में कवर किया था। हालांकि सीबीडीटी के बयान में ग्रुप का नाम नहीं लिया गया, लेकिन पीटीआई की रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से इस बात की पुष्टि की गई है कि यह कंपनी पॉलीकैब इंडिया ही है। खबरों के मुताबिक कंपनी की ओर से काम करने वाले एक डिस्ट्रीब्यूटर के यहाँ ₹400,00,00,000 से ज्यादा के अनअकाउंटेड कैश पेमेंट मिले हैं। जांच में ₹100,00,00,000 फर्जी खर्चों के बारे में भी पता चला है।
सीबीडीटी के मुताबिक ऑथोराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर ने कुछ चुनिंदा पार्टियों को कृत्रिम रूप से अपने परचेस खातों को बढ़ा चढ़ाकर दिखाने की सहूलियत दी। यह रकम करीब ₹500,00,00,000 की है। इस खबर के बाद ब्रोकरेज हाउस न्यू वामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने अनुमान जताया है कि स्टॉक पर मीडियम टर्म में इसका असर दिखाई दे सकता है। कंपनी के वैल्यूएशन 2023 में 37 गुना बढ़ी है। युवा माँ ने ये भी कहा है कि अगले हफ्ते आने वाले पॉलिकैब के क्वार्टर थ्री के रिज़ल्ट बेहद हो गए हैं
क्योंकि 14-15 प्रतिशत रेवेन्यू ग्रोथ के नीचे का कोई भी आंकड़ा कंपनी के लिए एक नेगेटिव ट्रिगर हो सकता है। ब्रोकरेज हाउस ने ये भी कहा है कि इस घटनाक्रम ने पूरे केबल्स और वाइरस पैक की वैल्यूएशन को जोखिम में डाल दिया है, क्योंकि नियर टर्म में मार्केट यह मानकर चल सकता है कि दूसरी कंपनियां भी कुछ हद तक इसी तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकती है। बीते 1 साल में पॉलिकैब के शहर 47 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं, जबकि गुजरे 5 साल में इस कंपनी ने 514% का ऊंचा रिटर्न दिया है।
पॉलिकैब इंडिया वाइरस ऑफ केबल सेगमेंट की प्रमुख कंपनी है। इसके अलावा कंपनी स्विच, लाइटिंग, फैन्स और दूसरे इलेक्ट्रिकल सल्यूशनस देती है। कंपनी की नींव 1996 में रखी गई थी। अब देखना ये होगा की पॉलिकैब इंडिया के शेयरों में आने वाले दिनों में किस तरह का उतार चढ़ाव रहेगा। क्या ये शेयर फिर से तेजी की राह पर लौट पाएगा या इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहने वाला है? आपको ये खबर कैसी लगी? हमें कॉमेंट्स सेक्शन में जरूर बताये और बिज़नेस जगत की ऐसी और भी न्यूज़ देखने के लिए देखते रहिए tech News590
