Flipkart की गाज में 1500 लोग बर्बाद ! Technews590

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 नमस्कार आप देख रहे हैं technews590 । आज का मुद्दा फ्लिपकार्ट से जुड़ा है। लगभग 1000 से ज्यादा लोगों को फ्लिपकार्ट बाहर का रास्ता दिखाने वाला है। मतलब बहुत सारे लोग बेरोजगार होने वाले हैं और ये कोई पहली बार नहीं है। फ्लिपकार्ट छंटनी का काम पिछले 2 साल से करती आ रही है, लेकिन क्यों? यूं तो फ्लिपकार्ट को रोजाना देशभर से कई लाख छोटे बड़े ऑर्डर मिलते हैं। भारत का आम नागरिक फ्लिपकार्ट से बहुत कुछ खरीदता है। क्या फिर भी कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही है? ये मामला कुछ और है। चलिए समझने की।


कोशिश करते हैं। पहले आपको खबर बताते हैं खबर है की इस साल की परफॉर्मेंस को आधार बनाकर फ्लिपकार्ट छंटनी करने जा रही है। कंपनी के इस फैसले की मार लगभग 1500 कर्मचारियों पर पड़ेगी। अभी कंपनी में लगभग 22,000 कर्मचारी काम करते हैं या नहीं, ये चटनी कंपनी के कुल कर्मचारियों के पांच से सात फीसदी के बराबर है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ऑनलाइन ई कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट द्वारा की जा रही है। ये कार्रवाई मार्च से अप्रैल के बीच पूरी कर दी जाएगी। कंपनी पिछले 2 साल से लगातार परफॉर्मेंस को आधार बनाकर अपने कर्मचारियों पर गाज गिर आ रही है।


कंपनी ने सालाना परफॉर्मेंस रिव्यु के आधार पर छंटनी की लिस्ट भी बनानी शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि कंपनी ये लेऑफ का कदम बार बार उठा क्यों रही है? क्या कंपनी के आर्थिक हालात ठीक नहीं है? दरअसल ऑनलाइन ई कॉमर्स प्लैटफॉर्म पिछले काफी समय से लागत पर नियंत्रण करने में असफल रही है। फ्लिपकार्ट अपने रिसोर्सेस को ऑप्टिमाइज़ करने और प्रॉफिटेबल बने रहने के लिए कदम उठा रही है। इसी दिशा में कंपनी ने पिछले साल से नई नियुक्ति पर रोक भी लगा रखी है।


एक और कंपनी आर्थिक समस्याओं से बचने के लिए ऐसे कदम उठा रही है तो दूसरी और फ्लिपकार्ट 2024 में आईपीओ लाने की तैयारी भी कर रही है। वैसे कंपनी पिछले वित्तीय वर्ष से ही आईपीओ लाने का प्रयास कर रही है। क्या इस बार कंपनी आईपीओ लाने में सफल रहेंगी या नहीं, ये तो समय बताएगा, लेकिन इन सब चक्करों में बहुत से लोग बेरोजगार जरूर होते जा रहे हैं। ईटी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ने ऑफ अब कंपनी के लिए एक ऐन्युअल प्रैक्टिस बन गई है। अप्रेज़ल साइकल के हिस्से के रूप में फ्लिपकार्ट टीमों को  रीस्ट्रक्चर कर रही है।


जैसे हाल ही के दिनों में पीटीएम, मीशो और ऐमजॉन जैसी कई कंपनियों ने छंटनी का रास्ता अपनाया। आंकड़ों में अगर देखें तो साल 2023 की शुरुआत में गूगल ने 12,000 लोगों को निकाल दिया था और इस साल भी गूगल 30,000 लोगों को विज्ञापन एवं सेल्स विभाग से निकाल सकती है। वहीं 2023 में माइक्रोसॉफ्ट ने भी 10,000 के करीब कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 2023 में ही ऐमज़ॉन ने भी अपने 8000 कर्मचारियों को निकाल दिया था। डेल ने 6650 लोगों को निकाल दिया था।


आईबीएम ने 3900 लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया था। सैप ने 3000 लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया।




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