शेयर बाजार में फिर से अडानी ग्रुप के शेर धमाल मचा रहे हैं। पिछले एक महीने में अडानी ग्रुप के शेयरों ने निवेशकों की अच्छी कमाई कराई है की रिपोर्ट के बाद अडानी को झटका लगा था। आप ग्रुप उससे उबरने की कोशिश में जुटा है। अब खबर है की अदानी ग्रुप की एक और कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री हो सकती है। अडानी ग्रुप अपने एरपोर्ट कारोबार को अलग से लिस्ट करा सकता है यानी अडानी ये फूड्स का आईपीओ लाया जा सकता है। अडानी इंटरप्राइजेज की सब्सिडरी कंपनी है।
अडानी एअरपोर्ट होल्डिंगस रानी एयर पोर्ट होल्डिंग्स में 100 फीसदी सैलरी अडानी इंटरप्राइजेज की है। लिस्टिंग से पहले अडानी पोर्ट होल्डिंग्स को अडानी इंटरप्राइजेज से डीमर्ज किया जाएगा। अडानी, एअरपोर्ट, स्की अलग से लिस्टिंग से अडानी इंटरप्राइजेज को वैल्यू अनलॉकिंग का भी फायदा होगा। वैल्यू अनलॉकिंग का मतलब है कि कंपनी के अलग अलग कारोबार को अलग करके उनकी वैल्यू को अलग करना। ये ट्रेंड इन दिनों बाजार में तेजी से प्रचलित हो रहा है। कंपनी अपने अलग अलग कारोबार की अलग से लिस्टिंग कराकर वैल्यू अनलॉक कर रही है।
पोर्ट होल्डिंग्स को साल 2019 में शुरू किया गया था। आज अदानी पोर्ट्स के पास देश में आठ एयरपोर्ट्स का जमा है, जिसमें अहमदाबाद, लखनऊ, मुंबई, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और नवी मुंबई एअरपोर्ट अडानी के पास ही हैं। इनमें से कुछ एअरपोर्ट पर काम जारी है। इस साल के आखिर तक नवी मुंबई एअरपोर्ट का आप पहले चरण का काम पूरा होने की उम्मीद है। आज अदानी पोर्ट्स देश की सबसे बड़ी एअरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी है।
कंपनी कुल एर पैसेंजर फुटबॉल का 25 फीसदी और कार्गों ट्रैफिक का 33 फीसदी हिस्सा संभाल दी है। ये रिपोर्ट से सालाना 8,00,00,000 यात्री गुजरते हैं। 10,00,000 मैट्रिक टन माल की ढुलाई होती है। एअरपोर्ट कारोबार की लिस्टिंग की खबर को चलते बुधवार को अदानी एंटरप्राइजेज के शेयर में खरीदारी भी देखने को मिली। अदानी एंटरप्राइजेज का शेयर तीन फीसदी मजबूती के साथ 3107 पर बंद हुआ। पिछले छह महीने में शेर ने 28 फीसदी का रिटर्न दिया है। हो सकता है वैल्यू अनलॉकिंग की खबर के दम पर ही अडानी एंटरप्राइज़ में ही खरीदारी देखने को मिली हो।
फिलहाल निवेशकों के लिए अच्छी बात ये है की 2024 में अडानी ग्रुप की कंपनी में पैसा बनाने का नया मौका मिल।
