रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह में समग्र भारतीयता की छटा बिखरेगी। समारोह में सनातन संस्कृति के लगभग सभी 125 संप्रदायों-उप संप्रदायों के चार हजार प्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ने वाली ढाई हजार विभूतियां शामिल होंगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने स्पष्ट किया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए विभिन्न संप्रदायों-उप संप्रदायों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किए जाने के साथ यह ध्यान रखा जा रहा है कि वे देश के सभी अलग-अलग प्रांतों और मंडलों का प्रतिनिधित्व करने वाले हों।
रामघाट स्थित रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला के नवनिर्मित प्राण प्रतिष्ठा समारोह संवाद केंद्र में संवाददाताओं से वार्ता के दौरान चंपतराय ने उदाहरण स्वरूप अनेक आमंत्रित अतिथियों के पद एवं नाम भी गिनाए। इनमें सनातन संस्कृति के सभी 13 अखाड़ों के श्रीमहंत, सभी छह दर्शनों के दर्शनाचार्य, सभी चार पीठों के शंकराचार्य, महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती, महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, निर्मली अखाड़ा के महंत ज्ञानदेव, वृंदावन निवासी कार्षणी संप्रदाय के जगद्गुरु गुरुशरणानंद, प्रख्यात योग गुरु बाबा रामदेव, शीर्ष बौद्ध गुरु दलाई लामा, जैन मुनि स्वामी रवींद्रकीर्ति, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य, गुरुद्वारा पटना साहिब के ज्ञानी इकबाल सिंह, नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा हजूर साहिब के मुखी राम सिंह, मुंबई निवासी बौद्ध धर्म गुरु राहुल बोधी, केरल निवासी आध्यात्मिक गुरु आनंदमयी मां, तिरुपति देवस्थानम के सीइओ धर्मा रेड्डी सहित स्वामीनारायण संप्रदाय, आर्ट आफ लिविंग, गायत्री परिवार आदि धार्मिक- सांस्कृतिक संगठन शामिल है।
खेल, विज्ञान, कला, अभिनय, उद्यम, साहित्य आदि से जुड़े लोगों के भी चुनिंदा नाम - हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, अभिनेता अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, रजनीकांत, अरुण गोविल, फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, गीतकार प्रसून जोशी, नीतीश भारद्वाज, एथलीट - कविता राउत, बैडमिंटन खिलाड़ी पी गोपीचंद, मुकेश अंबानी एवं गौतम अदाणी, इसरो के डायरेक्टर नीलेश देसाई, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के विज्ञानी देवीदत्ता, संगीतज्ञ गुरदास मान, प्रख्यात चित्रकार वासुदेव कामथ आदि के नाम शामिल रहे।
जनवरी के प्रथम सप्ताह तक चयनित होगी रामलला की प्रतिमा नवनिर्मित मंदिर में स्थापित किए जाने के लिए रामलला की तीन प्रतिमाएं निर्मित की गई हैं और इनमें जो श्रेष्ठतम होगी, उसे गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।


